October 17, 2021 0

नए वेतन समझौते के नाम पर मारुती अस्थाई कर्मचारियों से ₹700 करोड़ सालाना का धोखा

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रवींद्र गोयल (भारत में मजदूरों का बहुलांश (94 प्रतिशत) असंगठित क्षेत्र में ही काम करता है जहाँ  काम की हालत बहुत …

October 17, 2021 0

एवरग्रैंड

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एम असीम चीनी दरवाजे पर दस्तक दे रहा पूंजीवादी आर्थिक संकट ठीक जिस वक्त पुराना ब्रिटिश साम्राज्यवादी मुखपत्र ‘द इकोनॉमिस्ट’…

October 14, 2021 0

दलित विरोधी मानसिकता व जातिवादी अहंकार के खिलाफ वर्गीय संघर्ष जरूरी

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वर्गीय उत्पीड़न का शिकार पूरी मेहनतकश आबादी होती है पर दलित मेहनतकश आबादी साथ में जातिगत उत्पीड़न का भी अतिरिक्त शिकार होती है। क्योंकि जातिवादी उत्पीड़न वर्गीय उत्पीड़न को कायम रखने के लिए ही किया जाता है, इसलिए इसके ख़िलाफ़ संघर्ष भी सिर्फ दलितों का नहीं पूरी मेहनतकश आबादी का साझा संघर्ष बनता है।