Category: कला एवं संस्कृति

June 20, 2022 0

वो सब कुछ करने को तैयार

By Yatharth

बर्तोल्त ब्रेख्त वो सब कुछ करने को तैयार  सभी अफसर उनके जेल और सुधार-घर उनके सभी दफ्तर उनके कानूनी किताबें…

June 20, 2022 0

पाठकों की कलम से

By Yatharth

कैलाश मनहर / साहित्य विजय की कविताएं तुम बुलाते हो साहित्य विजय तुम बुलाते हो नदियों को पेड़ों को, झरने…

May 9, 2022 0

प्रगतिकामी संस्कृति के अन्वेषक राहुल सांकृत्यायन

By Yatharth

शैलेन्द्र चौहान प्रगतिकामी संस्कृति के अन्वेषक राहुल सांकृत्यायन – शैलेन्द्र चौहान राहुल सांकृत्यायन उन विशिष्ट साहित्य सर्जकों में हैं जिन्होंने…

May 9, 2022 1

दो गज़लें

By Yatharth

जय चक्रवर्ती 1. फल का ठेला कहाँ लगाएँ सोच रहे सरताज मियां, दो रोटी किस तरह कमाएँ सोच रहे सरताज…

January 19, 2022 0

मिटेंगे अब अपराधों के साये

By Yatharth

शैलेन्द्र चौहान वर्षों की धुंध, सामंतों, जमीदारों, साहूकारों, बिचौलियों और सहकारी मंडियों का फरेब पूंजीपतियों की बिसात तुम्हारा खून पसीना…

January 17, 2022 0

मजदूर बस्तियां

By Yatharth

आदित्य कमल ये हमारी बस्तियाँ हैंमज़दूर बस्तियाँ हैंनगरों के हाशिए परशहरों की तलछटों मेंफैलीं यहाँ-वहाँ हैंये हमारी बस्तियाँ हैंमज़दूर बस्तियाँ…

January 17, 2022 0

गीत / कैलाश मनहर

By Yatharth

अट्टहास करता हैजब हत्यायेंकरता तानाशाह । जो प्रतिरोधकरे उस पर हीवक्र दृष्टिपड़ती है अक्सर ।तेज़ धारतलवार चलाकरती है सचकहने वालों…