Tag: कविता

May 9, 2022 0

दो गज़लें

By Yatharth

जय चक्रवर्ती 1. फल का ठेला कहाँ लगाएँ सोच रहे सरताज मियां, दो रोटी किस तरह कमाएँ सोच रहे सरताज…