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घुसपैठिया का सवाल और आज के दौर में मजदूर वर्ग के प्रवास की समस्‍यायें और चुनौतियां

काम और रोजी-रोटी के लिए देश और दुनिया के हर कोने में आवागमन की आजादी की मांग एक ऐसी मजदूर पक्षीय मांग है जो सभी क्षेत्रों व देशों के मजदूरों की, स्‍थानीय और प्रवासी दोनों तरह के मजदूरों की एक साझा मांग है, और आज जबकि घुसपैठिया का सवाल उठाकर व उनका अमानवीय दमन और उत्‍पीड़न करके उनका और भी अमानुषिक शोषण की तैयारी चल रही है, वैसी परिस्थिति में इस साझी मांग के लिए एकताबद्ध संघर्ष करना एक अहम आवश्‍यकता बन चुका है। साथ ही, इसके लिए भी संघर्ष करना और मांग उठाना जरूरी है कि न्‍यूनतम मजदूरी के नीचे वेतन/मजदूरी पूंजीपति नहीं दे।न्‍यूनतम मजदूरी से नीचे जाकर काम न करने की मांग भी हमारी, स्‍थानीय एवं प्रवासी मजदूरों की, एक साझा मांग है। इसी तरह न्‍यूनतम जनवादी अधिकार की मांग, जैसे मालिकों के मनमाने व्‍यवहार और लूट का विरोध करने, तथा यूनियन बनाने के अधिकार की मांग भी एक साझा मांग बनती है जिसके लिए स्‍थानीय और प्रवासी मजदूरों को मिलकर लड़ना आवश्‍यक है।

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