अमेरिका में लगातार बढ़ रही हैं हड़तालें

November 16, 2021 0 By admin

हक के लिए मज़दूर बुलंद कर रहे हैं आवाज़


फैक्ट्रियों से लेकर हॉलीवुड, स्वास्थ्य, परिवहन मज़दूरों के हड़ताल

कोरोना महामारी और पाबंदियों के बाद अमेरिका में श्रमिकों की हड़ताल का दौर चल रहा है। देश में एक साथ कई कंपनियों में श्रमिक हड़ताल पर चले गए हैं या जाने का एलान कर रखा है। कुछ जगहों पर प्रबंधन से समझौता हो जाने के कारण हड़ताल फिलहाल टल गई है।

विश्लेषकों का कहना है कि देश में इस समय श्रमिकों की कमी के कारण कंपनियां मनमानी शर्तों पर श्रमिकों को काम करने के लिए मजबूर नहीं कर पा रही हैं।

असल में आंदोलित हो रहे मज़दूरों में एक बड़ी संख्या आवश्यक श्रमिकों (असेंशियल वर्कर) की है। कोरोना वायरस महामारी के दौरान इस श्रेणी के मज़दूरों की पूछ बढ़ी है। ये मज़दूर अब नौकरी की खराब शर्तों के खिलाफ आवाज उठाने लगे हैं।

कोरोना में कंपनियों ने खूब लाभ कमाया, मज़दूरों को लाभ नहीं

पर्यवेक्षकों का कहना है कि कई कंपनियों के मैनेजमेंट ने शुरुआत में सख्त रुख अपनाया। उन्होंने उन्होंने इसे हल्के से लिया। नतीजतन वहां उत्पादन ठप हो गया।

उधर श्रमिक यूनियनों का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान कंपनियों ने शेयर बाजार से खूब लाभ कमाया। लेकिन वे इसमें मजदूरों को हिस्सा नहीं देना चाहतीं। वे कर्मचारियों के वेतन बढ़ाने या उनके कामकाज की स्थितियों को सुधारने के लिए तैयार नहीं हैं।

चौतरफा हड़ताल का बढ़ता दौर

वेबसाइट एक्सियोस.कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक श्रमिकों की हड़ताल से हॉलीवुड स्टूडियो से लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद फैक्टरियां प्रभावित हुई हैं। कर्मचारियों की कमी की वजह से कंपनियों के प्रबंधन यूनियनों से बेहतर समझौता करना को बाध्य हुए हैं।

किलॉग के संयंत्र में हड़ताल

खाद्य पदार्थ बनाने वाली कंपनी किलॉग के संयंत्र में हड़ताल हो चुकी है। वहां काम करने वाले 1,400 से अधिक कर्मचारियों ने बेहतर सुविधाओं की मांग करते हुए काम बंद कर दिया। इन कर्मचारियों ने काम की आउटसोर्सिंग रोकने की मांग भी की है। किलॉग के संयंत्रों में लगभग 50 साल में पहली बार हड़ताल हुई है।

किलॉग कंपनी के नेब्रास्का राज्य में ओमहा स्थिति संयंत्र में मेंटेनेंस प्लानर डैनियल ओस्बॉर्न ने वेबसाइट एक्सियोस से कहा- ‘किलॉग रिकॉर्ड मुनाफा कमा रही है। कंपनी अधिकारी हमारी मेहनत के बूते खूब लाभ बटोर रहे हैं।’ ओस्बॉर्न किलॉग कर्मचारियों की यूनियन के स्थानीय प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी सिर्फ कंपनी के मुनाफे में अपना हिस्सा चाहते हैं।

ऑटो कंपनी जॉन डीरे के आईओवा में हड़ताल

अमेरिका के बड़े कॉर्पोरेशन में से एक और बड़ी विशाल ऑटो निर्माता कंपनी जॉन डीरे के आईओवा के वाटरलू स्थित प्लांट में 14 अक्टूबर को हुई हड़ताल ने एक नए मज़दूर संघर्ष के उभार का संकेत दिया है।

इस हड़ताल के तीन दिन पहले आईवोआ, इलिनॉयस और कंसास में यूनाइटेड ऑटो वर्कर्स के यूनियन संदस्यों की बैठक हुई जिसमें उस प्रस्ताव को भारी बहुमत से खारिज कर दिया गया जिसमें कंपनी ने महंगाई के मुताबिक वेतन वृद्धि का वादा इस शर्त के साथ किया था कि नई भर्तियों पर पेंशन का अधिकार खत्म कर दिया जाएगा।

वोटिंग के इन नतीजों ने यूनियन और कंपनी मैनेजमेंट दोनों को हैरत में डाल दिया, क्योंकि किसी को उम्मीद नहीं थी कि हड़ताल हो जाएगी। डीरे के 35 सालों के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा था कि 10,000 वर्कर हड़ताल पर चले गए।

कंपनी जॉन डीयरे के आयोवा राज्य में ओट्ठा स्थित प्लांट में काम करने वाले क्रिस लॉरेसन ने एक अखबार से कहा- ‘ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं आई, जब चीजें हमारे पक्ष में झुकी हों। अभी ऐसी ही स्थिति है।’

जॉन डियरे के इस प्लांट के सैकड़ों श्रमिकों ने पिछले हफ्ते सड़कों पर आकर प्रदर्शन किया। वे नौकरी की शर्तों में कंपनी की तरफ से एकतरफा बदलाव पर विरोध जता रहे थे।

स्वास्थ्य कर्मी, फैक्ट्री वर्कर हड़ताल पर

इसी महीने एक अक्टूबर को न्यूयॉर्क के बफ़लो शहर में स्थित मर्सी हेल्थ के 2000 मज़दूर, जिनमें नर्स, टेक्निकल, थेरेपिस्ट, क्लर्क आदि शामिल थे, हड़ताल पर चले गए।

1 अक्टूबर के बाद अमेरिका की विशाल फूड कंपनी के 1400 उत्पादन में लगे मज़दूरों ने चार राज्यों के प्लांटों में हड़ताल कर दिया था। वेस्ट वर्जीनिया के हंटिंगटन में 450 स्टील वर्करों ने हड़ताल कर दिया और कैलीफ़ोर्निया में 2000 टेलीकम्युनिकेशन वर्करों ने एक दिन का कार्य बहिष्कार किया।

विभिन्न क्षेत्र के मज़दूरों की हड़ताल पहले से रही जारी

अलाबामा में 1000 खनन मज़दूर, मैसाच्यूसेट्स में 700 नर्सें, केंचुकी में शराब बनाने वाली कंपनी के 400 मज़दूर और रेनो, नवादा में 200 बस ड्राईवर पहले ही हड़ताल पर थे।

इससे पहले वाशिंगटन में 2000 कारपेंटरों, कंसास में पेप्सीको कंपनी की सब्सीडियरी फ्रिटो ले के 600 वर्कर और नाबिस्को फैक्ट्री के देश भर के पांचों प्लांटों में 1000 मज़दूरों ने हड़ताल की थी।

मज़दूर कर रहे हैं हड़ताल की तैयारी

मज़दूरों का एक बड़ा हिस्सा अभी हड़ताल के लिए तैयार हो रहा है। कैलीफ़ोर्निया, ओरेगान और हवाई राज्यों में कैसर कंपनी से जुड़े 37,000 हेल्थ वर्कर हड़ताल पर मुहर लगा चुके हैं। शिक्षा विभाग के हज़ारों के कर्मचारी हड़ताल की तैयारी कर रहे हैं। फिल्म और टेलीविज़न में काम करने वाले 60,000 वर्करों ने हड़ताल के पक्ष में बहुमत से वोट किया है।

लेकिन ये द्वितीय विश्वयुद्ध का दशक नहीं है जब अमेरिका के हर 10 में से एक मज़दूर हड़ताल में शामिल हुआ करता था। ना ही ये 2010 के मज़दूरों की कमी वाला दशक है, जब हड़तालों की संख्या नगण्य हो गई थी।

आज के समय में मज़दूर अधिक जुझारू हैं, यानी वे नौकरी की बुरी शर्तों को मानने को हरगिज़ तैयार नहीं हैं, हालांकि वे संगठित नहीं हैं। यूनियनों की संख्या ऐतिहासिक रूप से कम है, फिर भी यूनियनें प्रेरणादायी रोल निभा रही हैं, लेकिन वे ही केवल इस कार्रवाई का एकमात्र कारण नहीं हैं।

हॉलीवुड में हजारों कर्मचारियों की हड़ताल टली

हॉलीवुड में 60 हजार कर्मचारियों की नुमाइंदगी करने वाली यूनियन ने सोमवार से हड़ताल पर जाने का एलान किया था। उनकी मांग वेतन में बढ़ोतरी और स्टूडियो में कामकाज की स्थितियों में सुधार लाने की थी। लेकिन हॉलीवुड प्रबंधकों ने यूनियन के साथ एक करार कर लिया। इस वजह से वहां हड़ताल फिलहाल टल गई है।

इसके पहले अखबार लॉस एंजिल्स टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि अगर हॉलीवुड यूनियन हड़ताल पर गई, तो सारे देश के फिल्म और टीवी स्टूडियो में कामकाज ठहर जाएगा।

मैक डोनाल्ड के मजदूरों ने की थी हड़ताल

इसी साल 19 मई को अमेरिका के 15 से अधिक शहरों में फास्ट फूड चेन-मैक डोनाल्ड के मजदूरों ने हड़ताल की और सैकड़ों की तादाद में सड़कों पर उतरे थे। मजदूरों की मांग थी कि उनकी मजदूरी बढ़ा कर 15 डॉलर प्रति घंटा की जाये, यूनियन बनाने का अधिकार मिले।

[यह लेख मूलतः mehnatkash.in पर प्रकाशित हुआ है]